Top 5 secrets of SEO

Top 5 secrets of SEO

एससीओ ( SEO ) आज कल बहुत सुनने में आता है । खास कर आप ब्लॉगिंग के क्षेत्र में है तो आपको इसका महत्व कितना ज़्यादा है इसकी जानकारी होगी । लेकिन आप को जो लोग खुद का ब्लॉग बनाकर सीखा रहे है कि ‘ ब्लॉगिंग क्या है ? ‘ तो जरा आप सोचिए हर कोई ये सब पढ़कर या वीडियो देखकर उन्ही को फॉलो करके खुद की वेबसाइट बना ले तो क्या हर कोई उनकी तरह ही कमा पाएंगे या उतने ही सफल हो सकते है ? जवाब इसलिए ‘ ना ‘ में देना पड़ रहा है कि भाई ऐसा मुमकिन ही नही । जब कोई पत्तागोभी है नही तो आप उसकी सब्जी बनाकर कैसे खा सकते हो । हर कोई ये दिखाकर आपको उल्टे रास्ते पर चला रहे है कि एससीओ करो और सफल बन जाओ । लेकिन वे कभी आपको एससीओ के सीक्रेट शेर नही करेंगे जो उन्होंने फॉलो किये है । लेकिन आज हम आपको बताएंगे कि कौन से वो सीक्रेट है जो आपको कभी बताया ही नही जाता।
चलिये जानते है एसईओ के 5 सीक्रेटस को !

Top 5 secrets of SEO
Top 5 secrets of SEO

01 SEO जैसी कोई चीज होती ही नही !

जी , हंस कर किसी और चीज की बात करेंगे ये सोचकर लेख अधूरा मत छोड़ना ! पुरा लेख पढ़ना !

एसईओ वास्तव में और कुछ नहीं की कम्प्यूटर की अपनी सेटिंग है जो सिर्फ कंप्यूटर को समझने के लिए इस्तेमाल की जाती है क्योंकि अगर हर कोई अपना मेटा डिस्क्रिप्शन और h1 , h2 और इमेजिस को ऑप्टिमाइजेशन करके उसे नाम देकर सफल हो जाए तो आज हर कोई सफल ब्लॉगर होता ! लेकिन वास्तव में ऐसा है ? क्योंकि ब्लॉगर व युट्यूबर के बताने के मुताबिक सिर्फ टेक्निकल एससीओ करने से सफल ब्लॉगर नहीं बन सकते । ऐसा हो ही नहीं सकता क्योंकि ऐसी कोई चीज का अस्तित्व ही नहीं । एसईओ सिर्फ कम्प्यूटर , गुगल जैसे सर्च इंजिन के अल्गोरिदम की सरलता के लिए उपयोग है । ये सिर्फ़ सिस्टम के लिए है ऐसा भी नही लेकिन ज़्यादा फायदा उसी को होता है । उसे समझने में सरलता रहती है कौन सी पोस्ट टेक्निकल व्यू से अच्छी है । वह आपके पोस्ट को अच्छी तरह से समझ सके बस यही है सीईओ का मतलब ! और कुछ ही नहीं होता । आप को लगेगा की ये कैसी बात कर रहे हैं ?

सीधी बात है सिर्फ़ अल्गोरिदम व दूसरी टेक्निकल सरलता के लियर एसईओ है । लेकिन आपकी पोस्ट इंसान पढ़ते हैं , अल्गोरिदम या गूगल का सर्च इंजिन ही सब कुछ नही । अब जब मशीन की बात हो तब ये एससीओ बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन जब इंसान की बात आती है तो बाजी पलट जाती हैं । अब मशीन तो एक मेटा टेग , डिस्क्रिप्शन या दूसरी टेक्निकल सेटिंग को ओके कर देता है लेकिन जिंदा इंसान के लिए ये कुछ मायने ही नही रखता। क्योंकि आपकी पोस्ट पढ़ने वाले इंसान को आपके पोस्ट की डिस्क्रिप्शन , हेश टेग , केटेगरी से कुछ लेना देना नही होता । क्योंकि जब लोग आपके ब्लॉग पर आते है तो आपने टाइटल कौन सा रखा है , उसे अपने मेंटा डिस्क्रिप्शन दिया है या नहीं दिया है आपकी इमेज को नाम दिया है या नहीं दिया उससे आधार पर आपकी पोस्ट को नहीं पढेंगे । इन सब चीजों से उनको कोई लेना देना ही नही होता । कभी नही होता । वे सब आपने कैसा लिखा है वही देखेंगे । उनको जो पसंद आता है वही लोग देखते हैं पढ़ते हैं या फिर उसे जानने की कोशिश करते हैं । अपने कितना ही अच्छा टाइटल दिया हो , कितनी ही अच्छी इमेज को ऑप्टिमाइजेशन किया हो या फिर कितना ही एसईओ किया हो अगर लेख में जो आपने लिखा है वह अच्छा नहीं हुआ तो आप का पोस्ट कभी रेंक ही नहीं होगा। साथ ही आपका ब्लॉग या फिर आपका वेबसाइट कभी भी सफल नहीं हो पाएंगे ।

हकीकत यही है और यही है सच्चाई एसईओ की ! लेकिन कोई सबसे पहले इस हिस्से को बताता नहीं है । हर कोई बस यही बताता है कि बस एसईओ को इस तरह से सेट कर दीजिए आपका वेबसाइट सफल हो जाएंगा और आप महीने के ₹25000 बड़े आसानी से कमा लेंगे । लेकिन ऐसा होता नहीं । क्योंकि टेक्निकल एसईओ महत्वपूर्ण है लेकिन इतना भी महत्वपूर्ण नहीं कि सिर्फ़ उसी के आधार पर आप एक सफल ब्लॉगर बना जाए ।
एक बात माथे की चौटी बांधकर समझ ले कि गूगल उसे ही फॉलो करता है जो लोग पसंद करते हैं । जब लोग किसी को फॉलो करते है , उस पर समय देते हैं , कमेंट करते हैं या फिर लोग उस पर ज्यादा ध्यान देने लगते हैं तब एल्गोरिदम अपने आप उस चीज को सबके सामने लाता है । क्योंकि जितना लोग जानेंगे जितना लोग शेयर करेंगे जितना इस्तेमाल करेंगे गूगल को उतना ही फायदा होगा । लोगो को जो चीज पसंद आती है गूगल उसे ही प्रमोट करता है , उससे ही आगे बढ़ाता है । यही कारण उस चीज को सफलता के कदम पर आगे ले जाता है।

अब ये सब जानकर एक कड़वी बात भी जान ले कज अगर आप इमेजेस के नाम देने से या फिर पोस्ट नाम भेजने से की पोस्ट रेंक कर जाएगी तो दिमाग लगाना छोड़कर अपना काम करें । क्योंकि हर ब्लॉगर का – सफल ब्लॉगर का कारण सिर्फ एक ही होता है और वह है उसका कंटेन ! जी हाँ ! कंटेंट सबसे बड़ा फैक्टर है जो आपको सफल बनाते है । बाकी यूट्यूब और वेबसाइट पर आपको बेवकूफ ही बनाते है । व्यू उनके बढ़ते है कमाते वे लोग है । आजकल तो इसके कोर्स भी आने लगे है । किसी जाल में न फंसे ! अगर आप कंटेन लिख नहीं सकते तो कृपया सब बातें छोड़ दीजिए , किसकी बात मत सुनिए क्योंकि कोई भी आपको सफल नहीं बना सकता । चाहे आप कितने ही प्रीमियम थीम , प्लगिन्स एवं होस्टिंग इस्तेमाल कर ले ।
एक बात हमेशा याद रख ले । लोग ये पसंद कर रहे है इसके आधार पर फ़िल्म तक बनाई नही जा सकती । अगर बनाते है तो उसकी कोई गेरेन्टी नही होती। लेकिन जिस चीज में आप ‘ मास्टर है ‘ उस पर फ़िल्म बनाये , क्योंकि राजमौली ने कोई कीवर्ड सर्च करके ‘ बाहुबली ‘ नहीं बनाई थी । ये सब हर फील्ड में लागू होती है , हमेंशा !
एक बात याद रखना – There is no such thing as SEO !

02 SEO सिर्फ़ टेक्निकल होता हैं ।

Post Name , Meta Description , Tags , image optimization , h1 , h2 , paragraph , keywords focus and much more …. ! हर एक ब्लॉग से जुड़े युट्यूबर , ब्लॉगिंग वेबसाइट आपको यही बताते है कि बस इसे संभाल लीजिये आपका काम पूरा ! लेकिन ये सब टेक्निकल एसईओ हैं । जो सिर्फ सिस्टम के लिए है । एसईओ की बात करें तो उसमे दो ही चीज महत्वपूर्ण हैं :
01 लोगों को जो पसंद आता है उसके बारे में लिखिये ।
02 ऐसा लिखिये की लोगों को पसंद आये ।
सफल होने के लिए आपको 02 नंबर को फॉलो करना होगा । क्योंकि अगर आप जरा सोचिये तो आपको मालूम होगा कि लोगो की पसंद मौसम जैसी होती है । हर समय बदलती रहती है । दिवाली में मिठाई की , आईपीएल में क्रिकेट की , 15 अगस्त को राष्ट्रभक्ति की …अब ये लिस्ट इतनी लंबी है कि आप पूरा लिख भी नही सकते । अब उनमे से किसी एक पर आप लिखेंगे तो सीधी बात है जब लोग वह ढूंढेंगे तब आप को पढेंगे । अब ये कौन सी बेवकूफी है जो ये कहते है कि पहले ये पता लगाओ की लोग क्या पसंद कर रहे है ? फिर उस पर आर्टिकल लिखो ! अब इसमें ये बात तो आई ही नही की आप क्या लिख सकते हैं ? अब यही लोग कहते है कि ‘content is KING ! ‘ अब आपने लोग जो ढूंढ रहे है वह पता लगा भी लिया लेकिन उस पर कुछ लिख ही नही सकते तो उसका कोई अर्थ है भी या नही ! ये कहने की बात नही समझने की बात है । क्योंकि आज कल इस तरह के keyword tool का मार्केट आसमान छू रहा है । इसी वजह से हर सेकंड हजारो ब्लॉग बन तो जाते है लेकिन सफल तो वही होता है जो ऐसा लिखता है कि लोग उसे पसंद करते है । लोगों को क्या पसंदा रहा है ये सर्च करके लिखने वाले 6 महीने बाद ब्लॉग बंद कर देते है । तो SEO सिर्फ़ टेक्निकल नही होता । आपके कंटेंट के हुन्नर से बड़ा एसईओ आज तक बना ही नही और ना ही बनेगा !

03 SEO से आप बहुत जल्द सफल बन जाते हैं ।

अब आप ने ‘ ब्लॉग से एक महीने में 25000 से लेकर 50000 ₹ बड़ी आसानी से कमाए ‘ के थम्बनेल वाले वीडियो , पोस्ट व एड्स देखे होंगे । अब इसके बारे में एक ही बात कह सकते हैं – झूठे है सब के सब !
अच्छा कंटेंट लिखेते हैं ? हा , तब भी आप को इंतजार तो करना ही पड़ेगा । क्योंकि लोगों को अच्छी चीजें चुन्नेमे और पसंद करने में देर लगती हैं । बुरी ख़बर व किसी अभिनेत्री की ××★ फोटोज तुरंत वायरल होती हैं । लेकिन लंबे समय बाद जीत तो अच्छी चीज की ही होती है । अगर आप एक अच्छी चीज बनाकर उसे कमरे में कैद करके रखे तो क्या होगा । कुछ नही ! उसे उन लोगो तक पहुंचानी पड़ती है जो उसे ढूढं रहे है । जब दोनो मिल जाते है तब सफलता मिलती है । अब इस मे थोड़ा या कभी कभी ज़्यादा समय लगता ही है । लेकिन निराश न हो ! सफलता 100 % मिलती है । क्योंकि दुनिया बहुत बड़ी है – हीरोइन के फोटो देखने वालों के साथ ज्ञान को ढूंढने वालों की भी कमी तो नहीं है । शरुआत की विफलता से चिंतित न हो , अपना श्रेष्ठ काम करते रहे । यही आपको सफल बनाता है। एक बात याद रखे – Every success takes time !

04 SEO सब कुछ हैं !

जी नहीं ! आज तक कि सबसे अच्छी चीज सर्च कीजिये । कभी ये एसईओ के अनुरूप नही बनाई गई । बल्कि इसी के आधार पर एसईओ तय होता हैं । क्या मुंशी प्रेमचंद की कहानियां एसईओ के मुताबिक है ? क्या राजीव दीक्षित के वीडियो एसईओ का पालन करते है ? क्या मिकी माउस का कीवर्ड सर्च करके वॉल्ट डिज़्नी ने उसे डिजाइन किया था ? हॉबिट , गॉडफादर , टाइटेनिक , अवतार , एवेंजर जैसी मुवीज एसईओ करके बनाई गई ? किसी भी फील्ड की बहेतरीन चीज ढूंढे आपको वह एसईओ के मुताबिक नहीं मिलेगी । वही एसईओ है !
तो SEO सब कुछ नहीं ! कभी भी कही भी !

05 SEO TOOL होते ही नही है ।


अब जब आपने जान लिया है कि एसईओ आपका कंटेट तय करता है तो कंटेंट के कोई टूल्स कैसे हो सकते हैं ? हा , डाटा हो सकता है ! लेकिन डाटा कंटेट नही कहलाता ! वह सिर्फ चार्ट है जो सिर्फ ये बताता है कि इतने लोगों को ये पसंद है । लेकिन उन सब को ये पसंद आएगा या नही आएगा या ये पसंद ही है ये नही बताता।क्योंकि वॉशिंमशीन लेने वाले को हर वक्त वही चाहिए ऐसा तो हो नही सकता । लेकिन मुंशी प्रेमचंद की कहनिया उस वॉशिंमशीन वाले को भी पसंद आएगी ये पक्की बात है तो ये भी जान ले कि SEO TOOL जैसी कोई चीज इस दुनिया मे नही है ।

Conclusion

SEO और कुछ नही बल्कि हाई क्वॉलिटी का कंटेट है जो आप बनाते है !

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