How use desktop computer’s desk in blogging or other task in hindi

How use desktop computer’s desk in blogging or other task in hindi

कम्प्यूटर पर घंटो तक काम करते लोगों को रिपिटेटिव स्ट्रेस इंजरी नाम की बीमारी के केस आज कल बहुत बढ़ने लगे है । साथ ही अब तो 4G लॉन्च होने के बाद इसमें बहुत ही बढ़ोतरी हुई है । जरा सोचिए 5G आने के बाद इस कम्प्यूटर के काम का और इज़ाफ़ा होने वाला है । इसलिये इस बीमारी का भी विस्तार होगा ये तय बात है । ये बीमारी आज कल ख़ास तौर पर बेंगलोर , पूना , चेन्नई , हैदराबाद और मुंबई जैसे शहरों में ज़्यादा देखने को मिल रही है । जहां पर लोग लंबे समय तक कम्प्यूटर पर बैठकर काम करते हैं । सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग और डाटा एंट्री का काम घण्टो तक चलता है । जिसमे से लाखों लोगों ने अपनी उंगलियों में , पंजे में , कोहनी और कंधे में दर्द रहने की फरियाद बढ़ने लगी है। अलग तरह से कहे तो रिपिटेटिव स्ट्रेस इंजरी यानी RSI के दर्दी बन चुके हैं ।

डेस्कटॉप


कम्प्यूटर का ऑपरेटर उसकी कलाई को जाने अनजाने घंटो तक कि बोर्ड पर टिकाए रखता है । जिसके कारण उसके पंजे भी ऊपर की ओर मुड़े रहते हैं । इस पोजीशन में कलाई से गुजरने वाले स्नायु तंतु और ज्ञान तंतुओं पर लगातार दबाव रहता है । महीने या सालो बाद शरीर का ये हिस्सा जकड़न महसूस करने लगता है । वहा दर्द होने लगता है । पंजे की तरह कोहनी को आधार देने के कारण वहां पर भी यही हाल होता है । ऑपरेटिंग के समय ख़ुर्शी पर लगातार हाथ टिकने से कोहनी के जोड़ कमजोर होते हैं । सबसे ज़्यादा मुसीबत कम्प्यूटर का स्क्रीन खड़ी करता है । जिसमे से निकलने वाले मंद मात्रा के क्ष किरण का हर दिन का डोज़ आँखों के लिए नुकशान दायक साबित होता है । आंखों में से पानी निकलता रहता और शाम होते होते आखों की पुतलिओ में भी दर्द होने लगता है ।


कम्प्यूटर के क्षेत्र में क्रांति तो आ गई है , उसे रोकना नाममुमकीन है लेकिन अब ये उपकरण टीवी की तरह घर घर पहुंचने वाला है या यूं कहें शहरों में तो घर घर पहुंच ही गया है सिर्फ गांव बाकी है ऐसी स्थिति में इस ‘नए फर्नीचर ‘ का आयोजन आदर्श रूप से नही किया गया तो ये RSI की बीमारी को घर घर तक पहुंचा देगा ! अर्थात डेस्कटॉप खुद खामी वाला न हो तो कम्प्यूटर को ऑपरेट करने वाले को बहुत कम मुश्किलों का सामना करना पड़ता है । विद्वानों ने जो आयोजन किया है अब उसकी बात करते है :

Right way to use Desktop’s Desk

विद्वानों ने जो तरीका बताया है उसके मुताबिक :

01 कम्प्यूटर जिस टेबल पर रखना हो उसकी ऊंचाई जमीन के लेवल से ज्यादा से ज्यादा 28 इंच रखनी चाहिए ।

02 मॉनिटर स्क्रीन और आंखों के बीच मिनिमम 20 इंच और ज्यादा से ज्यादा 26 इंच का अंतर रहना चाहिए ।

03 ऑपरेटर करने वाले का मस्तिष्क ऑपरेटिंग करते समय सीधा रहे और मॉनिटर व आंखों के बीच कम से कम 10° और ज्यादा से ज्यादा 30° का कोण बने ये जरूरी है ।


04 डेस्क पर की-बोर्ड इस तरह से रखना चाहिए जिससे ऑपरेटर अपने पंजे को सीधी लाइन में रख पाए और साथ ही कोहनी के साथ लगभग 90° का कोण बनाये ! ये आदर्श रूप से शारिरिक स्थिति है ।

डेस्कटॉप इस्तेमाल करनी सही स्थिति

05 डाटा एंट्री के समय उंगलियां सिर्फ मामूली अंश पर मुड़े ये बहुत जरूरी है ।

06 कुर्सी की रचना भी सीट के अनुकूल लेवल पर की जा सकती है । इतना ही नही कुर्सी और टेबल के बीच कम से कम 24 इंच का अंतर होना चाहिए ।

07 सबसे महत्वपूर्ण बात ये की लगभग हर घण्टे के बाद ऑपरेटर को पांच से सात मिनट जितना फ्री रहे और उस दौरान कलाई और कोहनी के जकड़े हुए स्नायु को राहत दे तो RSI से जुड़े दर्द से दूर रह सकता है ।

08 एक सर्वेक्षण में खुलासा हुआ है कि बार बार सिगारेट पीने के लिए बाहर जाने वाले ऑपरेटर के केस में RSI के कम्प्यूटर जन्य रोग होने की संभावना 50 ℅ जितनी कम हो जाती है । सिगारेट पीने के बहाने वह अपनी कलाई और आंखों को अजनाने में ही आराम देकर वह बीमारी से बच जाते है । हालांकि सिगारेट से होने वाले नुकशान से नही !

सार

डेस्क टॉप कम्प्यूटर के लिए सही नाप का डेस्क और ऑपरेटर के लिए सही कुर्सी व ऑपरेटिंग की सही आदतें और समय समय पर लिया जाता फ्री टाइम आपको RSI की बीमारी पैदा होने का या ज्यादा फैलना का खतरा स्वाभाविक रूप से कम हो जाता हैं ।

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