10 bad ways to make backlinks in hindi

10 bad ways to make backlinks in hindi

आज कल समय भी जैसे डिजिटल बन गया है । हर इंसना के पास आज स्मार्टफोन आ गए हैं । जिसके कारण लोग ऑनलाइन ज़्यादा समय के लिए रहते हैं । अब जो लोग सिर्फ़ स्मार्टफोन को वीडियो , कॉलिंग और एंटरटेनमेंट के लिए यूज करते हैं । उनके लिए बेकलिंक्स शब्द और उसका वजूद कोई मायने नही रखता , लेकिन जो लोग इस डिजिटल फील्ड में है उनके लिए बैकलिंक बहुत बड़ा आयाम हैं । आज हम बैकलिंक के बारे में जानेंगे ! वैसे गूगल पहला सर्च इंजिन नही था फिर भी आज 99.2 % बाज़ार पर उसका कब्जा है । गूगल पहला सर्च इंजिन भी नही था जिसने बैकलिंक का इस्तेमाल किया था । गूगल के फाउंडर लैरी पेज ने सन 196 में गूगल से पहले बेकरब नाम के सर्च इंजिन में बेंलिंक्स पर काम किया था । जब कि गूगल को सन 1998 में डेवलप किया गया। गूगल पहला इंजिन नही था जिसने बेकलिंक्स को गिनना शरू किया। बेकलिंक्स के आधार पर वेबसाइट को महत्व दिया और इसी कारण कमेंट , कोरम फॉर्म , एक्सटर्नल लिंक्स और ना जाने किस किस तरह से लोग बैकलिंक बनाने लगे और आज भी बना रहे हैं ।

क्योंकि आज गूगल जो ” गूगल ” है वह बेकलिंक्स के कारण ही आज इस पोजीशन में हैं । एससीओ की दुनिया मे लोग बेकलिंक्स बनाने के लिये ना जाने कौन कौन से हथकंडे अपनाते हैं । हा , आजकल जिस तरह से ऑनलाइन पोस्ट में और यूट्यूब में वीडियो बना बना कर जिस तरह से बैकलिंक का ज्ञान बांटा जा रहा है उसके हिसाब से तो उसे हथकंडे ही कहे जा सकते हैं । इसलिए आज हम बात करेंगे 10 सबसे खराब ट्रिक्स की जो आपको या आपके क्लाइंट को नुकशान कर सकती हैं । तो चलिए जानते हैं । वैसे ये सब आज आउटडेट्स बन गए है , तो कुछ पहले से ही सही नही थे । फिर भी लोग एकदूसरे की बातों को सुनकर उनका इस्तेमाल कर रहे थे।

01 Expired Domain

अब आप इस बारे में गूगल कर लेना ! हर कोई इसके बारे में पोस्ट लिखता जा रहा है । वीडियो बनाता जा रहा है । अब इन सब महाज्ञानियों का कहना है कि एक एक्सपायर्ड डोमेन ले लो और उस डोमेन के आधार पर जल्दी से अपनी साइट को रेंक करा लो !


लेकिन सच मे ” सच्चाई ” कुछ और ही है। एक्सपायर्ड डोमेन एक समय किसी ओर के कंट्रोल में था। आप को पता नही होता कि उस बंदे ने किस तरह का काम किया था। एक्सपायर्ड डोमेन के जो भी कर्म उस के पहले वाले मालिक ने किए थे उसका पूरा परिणाम आप को भुगतना होगा , क्योंकि उस प्रोपर्टी के मालिक अब आप है । तो सीधी बात हैं कि उसके फल भी आपको मिलेंगे ! सब ये तो बताते हैं कि एक्सपायर्ड डोमेन की पेज ऑथोरिटी और डोमेन ऑथॉरिटी का लाभ आपको मिलता है लेकिन ये नहीं बताते की उसी डोमेन को खरीदने के बाद गूगल उसे फिर से स्कैन करता है। पहले के सारे पेज और पोस्ट सीधी बात आपकी वेबसाइट पर नहीं हो सकते तो फिर आपको उस बेकलिंक्स का कोई लाभ भी नहीं मिल सकता ! हा , लोगो को जानामाना जरूर लगेगा लेकिन अब साइट पूरी तरह से नई होती हैं । तो गूगल उसी के हिसाब से उस डोमेन को ऑथिरिटी व रेंक देता हैं । मतलब सीधा हैं एक्सपायर्ड डोमेन के फायदे हो ना हो लेकिन नुकशान तो हैं ही ! क्योंकि अगर पहले के ऑनर ने गूगल की गाइडलाइन का पालन नहीं किया होगा तो गूगल पहले से ही उस डोमेन को ब्लैक लिस्ट में एड कर चुका होगा ! अगर ऐसा हुआ है तो भाई आप की नैया तो डूबेगी ही डूबेगी !
तो फ्रेश डोमेन व एक्सपायर्ड डोमेन जैसे चक्कर मे ना पड़े ! हा ,बहुत बड़ी बड़ी साइट इसी एक्सपायर्ड डोमेन के बिजनेस के कारण आज भी ऑनलाइन है और कमाई भी कर रही हैं लेकिन यकीन मानिए इस तरह से आपका सिर्फ और सिर्फ नुकशान ही होगा ! तो महेनत करिये , बाकी सब एक्सपायर्ड डोमेन सिर्फ एक ट्रिक है जिसे गूगल ने कब का ऑफ कर दिया है।
वैसे एक बात और है एक्सपायर्ड डोमेन को इस्तेमाल करना बड़ा ही टेक्निकल प्रोसेस हैं । एक्सपीरियंस्ड इंसान ही उसे अंजाम दे सकता हैं । बाकी बिगिनर्स के लिए तो उससे फायदे के बदले परमेंटली नुकशान होने के चांस ज़्यादा होते हैं ।

02 Disbalanced Backlinks

अब आप ने वेबसाइट बना ली है एडजुकेशन कि और आप की साइट पर जूते किस तरह से बनाते है कि पोस्ट वाली वेबसाइट की बैकलिंक होगी तो क्या होगा ??? आप को टेक्स्ट अलावा , इमेजिस , ग्राफिक्स , आप के निश से रिलेटेड साइट से मिली बेकलिंक्स आपकी साइट के लिए काफी मददगार साबित हो सकती हैं । इस लिए आपको अपनी वेबसाइट से रिलेवन्ट साइट व सोर्स से ही बैकलिंक सेटिंग करना चाहिए । वरना सब धरा का धरा रह जाएगा !

03 Discounted Backlinks

Backlink buy गूगल पर सर्च कीजिये और आपको बेकलिंक्स सेल करने वाले ढेरो लोग , ब्लॉग , वीडियो और इंस्टिट्यूट मिल जायेंगे । आप को उसके बहुत सारे फायदे भी गिन कर देंगे लेकिन क्या आपको पता है कि गूगल पैड बेकलिंक्स को एलाउ नही करता । ऐसा करने पर आपको गूगल की ओर से सिवाय पनिशमेंट के अलावा कुछ नहीं मिलेगा ! तो ऐसा कभी ना करिये। बहुत सारे लोग दूसरी साइट से अंधाधुंध बेकलिंक्स खरीदने की सलाह देते है या खुद भी अनजाने में खरीदते हैं। ऐसा ना करे ! आपको इसका कोई फायदा नहीं होने वाला !

04 Unrelated Event Links

डिजिटल समय मे डिजिटल इवेंट होते हैं । जिसके ऑनर अपनी साइट में स्पोंर्स और दूसरे ऑथोरिज्ड सोर्स को बताकर उनको बेकलिंक्स देते है । जो बहुत ही कारगर तरीका है लेकिन अगर कोई साइट या बंदा पैसा डील करके ऐसा कोई काम करता है तो उसे पनिशमेंट मिल ही जाती हैं । तो ऐसी तिकड़मबाजी से बचना चाहिए ।

05 Misleading Links

आप ने कई बार देखा होगा कि आप सर्च कर रहे है फ्री बुक्स और आप जैसे ही डाउनलोड बटन पर क्लिक करते हैं कि कोई दूसरी साइट ही खुल जाती हैं ।
आपकी हार्डवेर की दुकान वाली वेबसाइट पर खिलौने की साइट का लिंक किस काम का ??
इस लिंक में एंकर टेक्स्ट और यूआरएल ऐसे दो पार्ट्स होते है । जिसमे यूआरएल को हम लिंक कहते है और एंकर टेक्स्ट सर्च इंजिन को ये बताता है की ये यूआरएल किस बारे में है । सीधी बात गूगल जैसा सर्च इंजिन हार्डवेर की दुकान पर खिलौनों की साइट का लिंक एक्सपेक्ट नहीं करता ! तो इस तरह की मिसलिडिंग लिंक से बचिए !

06 Blog Comments

आज कल बहुत चर्चा में रहता ये बैकलिंक का जरिया बहुत पहले से कई सर्च इंजिन ब्लॉक कर चुके हैं । या उसे कोई महत्व ही नहीं देते । एक तरह से नोफ़ॉलो लिंक को जिसे हम कमेंट कहते है उसे बनाया ही गया था इस तरह से स्पैम को रोकने के लिए । तो इस तरह से अलग अलग ब्लॉग पर जाकर कमेंट करने से बैकलिंक बन जाएगी ये सोच रहे हो तो भाई आप ने गलत ट्रेन पकड़ ली है ।

07 Press Release

अब इसे भी आप बाबा आदम के काल का बैकलिंक ट्रिक कह सकते है । गूगल इसे कब का ब्लॉक , रिजेक्ट या इग्नोर कर चुका है । अब ये जानकर आप को ये नही करना कि साइट पर बनी प्रेस रिजिल की लिंक को हटा दी ! अब से बस आपको उसे बनाना छोड देना चाहिए । गूगल इसे कोई भाव नहीं देता । प्रेस रिलीज वैसे भी कंपनियां खुद ही पब्लिश करते है तो गूगल खुद ने पब्लिश की हुई लिंक को कैसे एलाउ करेगा ???

08 Free Themes and Widgets

पहले के समय मे लोग फ्री थीम्स और विजिट्स ऑफर करके बैकलिंक बनाते थे । वैसे ये भी बहुत पुराना तरीका है । जिसे गूगल कब का बैन कर चुका है । कब का इग्नोर कर रहा है । वैसे आप भी वेधर , कोई टूल्स का कोड या कुछ चटपटा विजिट्स बनाकर या अट्रैक्टिव थीम्स या कुछ अलग तरिके से बेकलिंक्स बनाये , उसके कोई मायने या महत्व है ही नहीं !

09 Forum Post

किसी पॉप्युलर साइट पर अपनी प्रोफाइल बनाकर सिग्नेचर में अपनी वेबसाइट का लिंक देकर , हर पोस्ट में दो चार बार लिंक्स देकर बेकलिंक्स जनरेट करने का काम करते थे । लेकिन वे सब 10-15 साल पुरानी बात है , अब इसका कोई वजूद ही नहीं रहा तो इस पर समय व पैसे बर्बाद ना करे !

10 Youtube Comment

अब ये बहुत ज्यादा पॉप्युलर बैकलिंक बनाने का तरीका हैं ये बहुत लोकप्रिय है । सब को लगता है कि यूट्यूब के वीडियोज पर कमेंट करने से बैकलिंक बनता है तो ये आपकी अधूरी जानकारी हैं । क्योंकि गूगल इस तरह की बैकलिंक जनरेट ही नही करने देता । अगर आप फिर भी ऐसा करते है , किसी ने ये बताया है तो भाई आपको बेवकूफ बनाया है । क्योंकि चेनल के ऑनर ने अगर फिल्टर लगाया होंगा तो खुद ही कमेंट फिल्टर हो जाएगी । अगर बार बार आप कमेंट करते रहेंगे तो आप का एकाउंट ही स्पैम में ही गिना जाएगा ! Nice से लेकर लंबे चौड़े कमेंट देकर भी आप बेकलिंक्स नही जनरेट कर पाते । यही सच है तो इससे बचके रहिए !

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